Welcome to my blog :)

rss

Sunday, December 11, 2011

जिन्दगी कितनी खुबसुरत है

जिन्दगी कितनी खुबसुरत,
अभी उन्हे भी पता नही है ।
कोइ बहोत प्यार करनेवाला,
जिन्हे अभी तक मिला नही है

मेरी निगहों से दुर मत जा,
सुकुने दिल बन के दिल मे आजा ,
यह कह रही है हर एक धडकन,
तेरे बिना कुछ मजा नही है ।
तु आये तो में बहार देखुं,
कली गुलो का श्रिंगार देखुं,
हे मेरी हसरत अभी अधुरी,
दिले जवान की खता नही है
चली वो आन्धी तिन्का तिन्का,
बिखर गया आशीयां कली का,
जो तोड दे मेरे हौसलो को,
अभी वो तुफान उठा नही है ।

0 comments:

Post a Comment

Thankuy