इतना दर्द हममे आज है, कल की नही सोचते है
यह गम हममे न सताये, हम खुवाबों में जीते है|
एक कली है मोहब्बत की, हम ने उससे सीचा है
बाघ बाघ खुश्बू से महके, खुवब कुछ ऐसे देखे है|
कोई आयेगा राजकुमार, मुझे खुद से चुरा ले जायेगा
हो जाऊंगी मैं दीवानी, ऐसा मैं नही लोग कहते है|
भूल जाने दो मैं कौन हूँ, बेवफा अपना कब होता है
यह गम और न सताये, इसलिए हम खुवाबों में रहेते है|
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Posted by Meena Parwar
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Thankuy