मेरी आँखों के सभी ख्वाब प्यासे है अभी,
प्यार की कोई घटा घिर के आएगी कभी,
इन्तिज़ार और सही…
पास रहकर भी कोई दिल से क्यूँ दूर लगे,
मैं भी मजबूर सा हूँ,
वो मजबूर लगे,
अपना गम कहना सकू मेरी उलझन है यही,
इन्तिज़ार और सही…
ये उदासी ये थकन,
बंद कमरे की घुटन,
दिल में क्या होने लगा दर्द है या की चुभन,
आज भी मुझसे कहे आग सिने में दफ़न
इन्तिज़ार और सही…



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Thankuy